Skip to contentके० एस० टी०,कानपुर नगर संवाददाता। प्रदेश में बुधवार को कानपुर सबसे ठंडा रहा। सीएसए की मौसम वेधशाला की रिपोर्ट के मुताबिक 24 घंटे में दिन का अधिकतम पारा 1.8 डिग्री और रात का पारा तीन डिग्री लुढ़क गया। पहली बार कानपुर में रात और दिन दोनों का तापमान एक साथ प्रदेश में सबसे कम रहा। बुधवार रात में 11 बजे दृश्यता 15 मीटर रिकाॅर्ड की गई। यह सुबह छह बजे के पहले तक शून्य हो सकती है। एयरफोर्स मौसम स्टेशन के मुताबिक अधिकतम तापमान 20.1 डिग्री और रात का न्यूनतम 6 डिग्री रहा। न्यूनतम तापमान में इटावा दूसरे नंबर पर रहा। वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि हिमालयी बर्फबारी, ध्रुवीय हवाओं और जेट स्ट्रीम ने माहौल में नमी बढ़ा दी। इससे गलन वाली ठंड बढ़ गई है। दो दिन तक इसी तरह का मौसम रहने के आसार है।
हवाओं की गति बढ़ने पर ठंडक और बढ़ सकती है। इसके साथ ही सुबह और शाम को धुंध और कोहरा और घना हो जाएगा। बुधवार को अधिकतम और न्यूनतम दोनों तापमान नीचे आए हैं। पारा एक-दो डिग्री और नीचे जा सकता है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण हिमालयी क्षेत्र में हुई बर्फबारी का असर हवाएं कानपुर परिक्षेत्र समेत गंगा के मैदानी इलाकों में लेकर आ रही हैं। कानपुर परिक्षेत्र समेत अन्य इलाकों में गलन भरी सर्दी ने कंपकंपी छुटा दी। इसके साथ ही दोपहर में नमी का प्रतिशत 12 फीसदी बढ़ गया है। इससे ठंड और तीखी हो गई। वरिष्ठ मौसम विज्ञानी ने बताया कि अभी तक ध्रुवीय हवाएं और जेट स्ट्रीम ठंड लेकर आ रही थीं।
इसके साथ हिमालयी हवाएं भी आने लगीं। इससे ठंड बढ़ी है। अभी दो दिन ऐसा ही माहौल रहेगा। एक-दो डिग्री पारा और नीचे आ सकता है। शुक्रवार को एक और पश्चिमी विक्षोभ पहुंचने की उम्मीद है। इससे ठंड और बढ़ेगी। इसके अलावा बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी आ रही है। सुबह की अधिकतम नमी का प्रतिशत 97 हो गया है। इसके साथ ही दोपहर को भी नमी का प्रतिशत बढ़ा है। नमी के कारण धूप नरम हो गई है।
मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की:- भारतीय मौसम विभाग ने नगर, देहात, इटावा, औरैया समेत अन्य जिलों के लिए चेतावनी जारी की है। आने वाले दो दिनों में कोहरा और घना हो सकता है। इसके साथ ही कड़ाके की ठंड पड़ेगी। सीएसए के मौसम विभाग के तकनीकी अधिकारी अजय मिश्रा ने बताया कि रबी की खड़ी फसलों में किसान हल्की सिंचाई कर उचित नमी बनाए रखें। पशुपालक पशुओं को रात में खुले स्थान पर न बांधें। पशु बाड़ों की खिड़कियों पर रात में जूट के परदे डाल दें।