Skip to contentके० एस० टी०,खानपुर (गाजीपुर) संवाददाता। क्षेत्र के फरीदहां में रविवार को महाराणा प्रताप की जयंती मनाई गई। क्षत्रिय महासभा के सदस्यों ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। अरुण प्रकाश सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप की वीरता और वचन मिसाल है।
त्याग, बलिदान और अदम्य साहस के प्रतीक महाराणा प्रताप का चरित्र सर्वश्रेष्ठ है। उन्होंने अपने जीवन में कठिन संघर्ष करके भारतवासियों को मुगलों के जुल्मों से मुक्ति दिलवाने का काम किया था। ऐसे महापुरुषों के त्याग और बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है।
उनके आदर्शों पर चलते हुए हमें एकजुट रहना होगा। राष्ट्र विरोधी विदेशी वस्तुओं को त्यागकर स्वदेशी अपनाकर राष्ट्र के स्वाभिमान के लिए जी जान से काम करना होगा। आज युवाओं को देश में ऐसे संस्कार का वातावरण तैयार करना है,
जिससे वर्तमान और आने वाली युवा पीढ़ी को प्रेरणा मिल सके। मनीष सिंह, सतीश सिंह, राजकुमार, प्रदीप सिंह, आशुतोष सिंह आदि थे।