Skip to contentके० एस० टी०,कानपुर नगर संवाददाता। कानपुर में झकरकटी बस अड्डा निर्माण का कार्य साल 2026 में शुरू होने की उम्मीद है। योजना को बने दो साल से ज्यादा समय हो गया लेकिन इसका निर्माण कार्य अभी तक शुरू नहीं हो सका है। मामला अभी भी ठेकेदार कंपनी और परिवहन निगम के बीच इसकी शिफ्टिंग पर अटका है। अगर यह कार्य शुरू भी हुआ तो इसके आधुनिक रूप लेने में दो साल और लगेंगे।
पीपीपी मॉडल के तहत झकरकटी बस अड्डा का पुनर्विकास कार्य 143 करोड़ से होना है। करीब दो साल पहले योजना बनी और इसका ठेका पंजाब की सीगल कंपनी को दिया गया। इसके लिए झकरकटी बस अड्डा दो साल के लिए दूसरी जगह शिफ्ट करना होगा। सीओडी पुल के पास रक्षा विभाग की जमीन देखी गई लेकिन रक्षा संपदा विभाग ने अधिक पेड़ होने का हवाला देकर इन्कार कर दिया। इसके बाद रेल बाजार थाने के सामने, पराग दूध डेयरी के पास रेलवे ग्राउंड और केडीए से जमीन देने के लिए कहा गया।
अब मामला फिर अटक गया है:- इस दौरान ठेकेदार कंपनी भी हीलाहवाली करती रही और परिवहन विभाग के साथ बैठक करने नहीं आई। मुख्यालय से सख्ती हुई तो आनन-फानन में परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक ने बस अड्डा सिग्नेचर सिटी ले जाने की हामी भर दी। सब कुछ तय हो गया तो कंपनी ने नया अड़ंगा लगा दिया कि रामादेवी से गोल चौराहा तक एलिवेटेड रोड बनना है। इसका रैंप झकरकटी के पास उतरेगा। इस वजह से बस अड्डा के प्रवेश द्वार पर रैंप आ जाएगा। चार फीट की जगह की वजह से अब शिफ्टिंग नहीं हो रही है। अब मामला फिर अटक गया है।
ये होंगी सुविधाएं:-
– यात्रियों के लिए वेटिंग रूम, फूड जोन, मल्टीप्लेक्स, मॉल, होटल और रेस्टोरेंट।
– 16 प्लेटफॉर्म होंगे जिनमें एसी और नॉन-एसी दोनों प्रकार की बसें चलेंगी।
– बड़ी स्क्रीन पर बसों के आने-जाने का समय और प्लेटफॉर्म नंबर प्रदर्शित होगा।
– 55183 वर्ग मीटर क्षेत्र में से 45 प्रतिशत हिस्सा व्यावसायिक उपयोग के लिए होगा।
उम्मीदें इसलिए:-
– परिवहन निगम ने सिग्नेचर सिटी में बस अड्डे की शिफ्टिंग के लिए हामी भरी है।
– मुख्यालय भी ठेकेदार कंपनी से वार्ता कर काम शुरू करने को कह रहा है।
– जिला प्रशासन भी बस अड्डा शिफ्टिंग के लिए दूसरी जगह तलाश रहा है।
भरोसा इसलिए नहीं:-
– ठेकेदार कंपनी अब बस अड्डा के मुख्य गेट पर चार फीट की जगह का अड़ंगा लगा रही है।
– परिवहन निगम माघ मेला तक बसों का संचालन झकरकटी से ही करने की घोषणा कर चुका है।
-जब तक बस अड्डा शिफ्ट नहीं होगा, निर्माण कार्य गति नहीं पकड़ सकेगा।